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Lucknow: पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का महाआंदोलन

On: June 13, 2026 7:28 AM
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Lucknow: पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का महाआंदोलन

Lucknow: पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का महाआंदोलन

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के खिलाफ शुक्रवार को इको गार्डन में छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा। करीब दो हजार छात्र-छात्राओं ने नीट, सीयूईटी, यूपीएससी, लेखपाल और सिपाही भर्ती परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ सरकार पर सीधा हल्ला बोला। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।

दोपहर पौने दो बजे आंदोलन को समर्थन देने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके हाथ में राष्ट्रध्वज और संविधान की प्रति लेकर धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने 30 मिनट तक छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, हमारा देश आंदोलन से बना है। आंदोलन नहीं हुआ होता तो आजादी नहीं मिलती। आंदोलन करना सबसे बड़ी देशभक्ति है। चाहे लेखपाल, यूपीएससी हो या नीट, पेपर लीक के दोषियों को इस्तीफा देना ही होगा। उन्होंने युवाओं से 20 जून को बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया। आंदोलन को ‘आइसा’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने संबोधित किया।

कोचिंग सेंटरों में पुलिस की सख्ती का दिखा असर: कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को देखते हुए पुलिस, खुफिया विभाग और जिला प्रशासन का पहरा रहा। कोचिंग सेंटर में संचालकों ने बच्चों को गुरुवार को शुक्रवार की छुट्टी का मैसेज कर दिया गया था।

ज्यादातर कोचिंग में सुबह और दोपहर की कक्षाएं नहीं चलीं। सख्ती इतनी रही कि सेंटरों के आसपास बच्चों को भटकने नहीं दिया गया। साथ ही कुछ संचालक व शिक्षकों को चेतावनी के साथ नजरबंद कर रखा गया है।

हजरतगंज के लीला सिनेमा, हलवासिया हाउस, नवल किशोर रोड, नरही, शाहनजफ रोड, सप्रू मार्ग, पार्क रोड समेत आसपास पूरा सन्नाटा रहा। यहां संचालित होने वाली इंजीनियरिंग, मेडिकल और आईएएस, पीसीएस आदि की कोचिंग सेंटर पर शुक्रवार दोपहर तक बच्चे नहीं दिखे। यही हाल अलीगंज, कपूरथला, महानगर और आलमबाग इलाकों के शिक्षण संस्थानों व कोचिंग सेंटरों के पास भी रहा। हजरतगंज की एक प्रमुख कोचिंग सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार सुबह और दोपहर की शिफ्ट के बच्चों की छुट्टी की गई है। विश्वस्त सूत्रों की माने तो कई प्रमुख संस्थानों के संचाल

कों और शिक्षकों को चेतावनी के साथ नजरबंद रखा गया। पुलिस अफसरों ने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया।

पुलिस अफसरों ने खुद संभाली कमान

कॉकरोच पार्टी के आंदोलन को देखते हुए इको गार्डेन के पर खुद जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर बब्लू कुमार, डीसीपी मध्य विक्रांत वीर, डीसीपी क्राइम अनिल यादव समेत कई थानों की पुलिस, पीएसी के जवान मुस्तैदी से डटे रहे। इको गार्डेन, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर शुक्रवार तड़के से ही पुलिस बल और सिविल यूर्निफार्म में पुलिसकर्मी, खुफिया विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अलर्ट रहे।

आंदोलन में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र और कोचिंग के अध्यापक भी मौजूद रहे।

सुरक्षा उपकरण पहन तैनात रहे 1500 जवान

सुबह 10 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए बंगला बाजार स्थित पूरा इको गार्डन पुलिस छावनी में तब्दील रहा। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), पीएसी और स्थानीय पुलिस के 1500 से ज्यादा जवान सुरक्षा उपकरणों के साथ डटे रहे। दोपहर करीब ड़ेढ बजे तक छात्रों से भरे इको गार्डन में अफरा तफरी का माहौल रहा। छात्र नारेबाजी करते रहे। दोपहर में जब प्रदर्शनकारियों ने पैदल कूच की रणनीति बनाई, तो खुफिया इनपुट मिलते ही जेल रोड, कैंट और मॉल रोड होते हुए सीएम आवास तक सुरक्षा अलर्ट जारी कर दी गई। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

प्रयागराज के प्रदर्शनकारी बोले, कॉकरोच पार्टी से संबंध नहीं

धरना स्थल पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्रयागराज से आए आइसा के बैनर तले लेखपाल और सिपाही भर्ती में धांधली को लेकर पहले से प्रदर्शन कर रहे लोगों की जगह पर कॉकरोच पार्टी के समर्थकों ने कब्जा कर लिया। ये यूपीएससी, लेखापाल भर्ती परीक्षा की जांच के लिए एसआईटी की मांग कर रहे थे। इस पर पहले से ही प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने खुद को इनसे अलग किया। प्रयागराज से आए प्रदर्शन के लिए आए अर्जुन प्रजापति ने कहा कि हमारे प्रदर्शन से कॉकरोच पार्टी का संबंध नहीं है। हमारी मांग अलग है।

पुलिस की मुस्तैदी से महौल बिगाड़ने से बचा

कॉकरोच पार्टी के समर्थकों की नारेबाजी से कई बार माहौल बिगड़ता नजर आया। दिल्ली से आए एक समर्थक हाथ में संविधान की प्रति लेकर नारेबाजी करते नजर आए। इसी दौरान किसी ने संविधान की प्रति फटे होने की बात कही। इस पर मामला कहासुनी से शुरू होकर झड़प तक पहुंच गया। भाजपा और बाबा साहेब के समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए माहौल बिगाड़ने वाले लोगों को हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया। तब मामला शांत हुआ।

सोशल मीडिया की घोषणा पर उमड़ी भीड़

शल मीडिया पर कॉकरोच पार्टी के लाखों फॉलोअर्स हैं। अभिजीत दीपके द्वारा ‘एक्स’ (ट्विटर) पर किए गए शांतिपूर्ण धरने के आह्वान के बाद बड़ी संख्या में ऐसे लोग और छोटे संगठनों के नेता भी कौतूहलवश इको गार्डन पहुंच गए, जिनका परीक्षाओं से सीधा संबंध नहीं था। वह सिर्फ यह देखने पहुंचे थे कि कॉकरोच पार्टी है क्या। वहीं, एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक घटनाक्रम को कवर करने के लिए देश भर के 100 से ज्यादा यूट्यूबर्स की गार्डन में एंट्री हुई। करीब इतने ही प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार मौजूद रहे।

पेपर लीक पर हल्ला बोल की तख्ती लेकर पहुंचे

देवरिया जिले से आए छात्र योगेश कुमार साहनी हाथ में ‘पेपर लीक पे हल्ला बोल’ की तख्ती लेकर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कमरों में बंद रहकर सालों तैयारी करने वाले छात्रों के त्याग के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं योगी-2’ के भेष में आया हूं।

नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट: आइसा

आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने इस आंदोलन को दबाने के लिए उनके घर पहुंचकर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। वहीं, रायबरेली समेत कई अन्य जिलों में छात्र नेताओं को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) किया गया, इसके बावजूद हजारों छात्र लखनऊ पहुंचने में सफल रहे।

दीपके का पुतला फूंकने जा रहे समर्थकों को रोका

आलमबाग स्थित ईको गार्डेन में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का पुतला फूंकने के ऐलान पर पुलिस प्रशासन सतर्क नजर आया। अखंड आर्यवर्त आर्य त्रिदंडी महासभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष गौरव गोस्वामी ने शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। नाका पुलिस ने पुतला फूंकने से पहले उसे समर्थकों से छीन लिया।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नाका पुलिस ने शुक्रवार सुबह से ही हिन्दूवादी नेता गौरव गोस्वामी को उनके आवास पर नजरबंद रखा। उनके समर्थकों की भी घेराबंदी करके रखी। दोपहर में जब गौरव अपने समर्थकों के साथ अभिजीत दीपके लखनऊ छोड़ो… के नारे लगाते हुए ईको गार्डेन की ओर जाने लगे तो नाका पुलिस ने उन्हें रोक लिया। आगे बढ़ने पर रानीगंज झंडे वाले चौराहे के पास पुलिस ने समर्थकों से अभिजीत दीपके का पुतला छीनकर अपने कब्जे में ले लिया। बाद में गौरव गोस्वामी ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन नाका पुलिस को सौंपा।

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