Primary ka Masterअवकाश सूचनानई भर्तीमौसम69000 भर्तीResultशिक्षक डायरीशिक्षा विभागTeachers StoryArticleEducationप्रशिक्षण लिंकशिक्षामित्र न्यूज़आध्यात्मिकअन्य

तबादले को लगाए दिव्यांगता और बीमारी के फर्जी प्रमाणपत्र, दर्जनों शिक्षकों के प्रमाणपत्र पर संदेह, जांच

On: June 24, 2026 6:20 AM
Follow Us:
Basic Wale | Primary Ka Master

अंतरजनपदीय तबादले के लिए कई परिषदीय शिक्षकों की ओर से लगाए गए दिव्यांगता और बीमारी के प्रमाणपत्र जांच के दायरे में हैं। हाल-फिलहाल सबसे चर्चित मामला सिद्धार्थनगर का है जहां एक शिक्षिका ने स्वयं के कैंसर पीड़ित होने का प्रमाणपत्र लगा दिया था, लेकिन जिन तिथियों में अस्पताल में उपस्थिति का दावा किया है उन्हीं तिथियों में स्कूल में भी मौजूद थीं। बिना सटीक जांच रिपोर्ट के कीमोथेरेपी शुरू करने का भी दावा किया गया था। सिद्धार्थनगर में ही ऐसे ही कुछ और मामले चर्चा में हैं।




बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय को भी शिकायतें मिली हैं कि मनपसंद जिले में स्थानान्तरण के लिए कुछ शिक्षकों ने कूटरचित दिव्यांगता, कैंसर और डायलिसिस के प्रमाणपत्र बनवाकर जमा किए हैं। यदि दिव्यांगता एवं गंभीर बीमारी संबंधी प्रमाणपत्रों का समुचित परीक्षण एवं सत्यापन नहीं किया जाता है, तो अपात्र अथवा गलत तथ्यों के आधार पर आवेदन करने वाले शिक्षकों को अनुचित लाभ मिल सकता है। ऐसे में वास्तविक एवं पात्र अभ्यर्थियों के हित प्रभावित होंगे।



लिहाजा दिव्यांगता प्रमाणपत्र चाहे वह नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए हों अथवा वर्तमान में नवीन जारी हुए हों, सभी का संबंधित जिलों में गठित सक्षम मेडिकल बोर्ड से सत्यापन कराया जाए। यही नहीं गंभीर बीमारी के आधार पर प्रस्तुत प्रमाणपत्रों और चिकित्सकीय अभिलेखों का भी सक्षम मेडिकल बोर्ड/अधिकृत चिकित्सकीय प्राधिकारी से सत्यापन कराया जाए। सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी का कहना है कि आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी के बाद ही स्थानान्तरण आदेश जारी होंगे।

पीटीआर जारी न होने के कारण नहीं कर सके आवेदन

प्रयागराज। विभिन्न जिलों के परिषदीय स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात (पीटीआर) समय से जारी नहीं होने के कारण तमाम शिक्षक आवेदन नहीं कर सके। अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेनशर्मा ने 22 जून को सभी 75 जिलों का पीटीआर जारी किया है, जबकि ऑनलाइन आवेदन 20 जून तक ही मांगे गए थे। कुशीनगर में तैनात एक शिक्षक को अपनी पत्नी के कार्यरत जिले कौशाम्बी आना था, लेकिन पीटीआर की जानकारी नहीं होने के कारण आवेदन नहीं कर सके। अब पता चल रहा है कि कौशाम्बी में 35 बच्चों पर एक शिक्षक हैं जबकि कुशीनगर में 32 पर एक शिक्षक उपलब्ध हैं। यदि उक्त शिक्षक आवेदन करते तो आसानी से पत्नी के जिले में तबादला हो जाता। अब तमाम शिक्षक आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।



कक्षा की जगह पूरे जिले पर तय कर दी पीटीआर

बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलों में पंजीकृत छात्र और कार्यरत शिक्षकों के आधार पर पूरे जिले की पीटीआर तय कर दी। नियमत: पीटीआर का निर्धारण कक्षा के आधार पर होना चाहिए। कम से कम एक शिक्षक प्रति कक्षा अनिवार्य है। लेकिन कक्षा और स्कूल को इकाई मानने की बजाय पूरे जिले को इकाई मानकर पीटीआर बना दिया गया जिसे लेकर विवाद होना तय है।


प्रयागराज में 31 शिक्षकों ने किया है आवेदन
जिले में 31 परिषदीय शिक्षकों ने अन्य जिलों में तबादले के लिए आवेदन किया है। बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि कुल 36 आवेदन मिले थे जिनमें से पांच निरस्त कर दिए गए। जिनके आवेदन अग्रसारित किए गए हैं उनमें 13 दिव्यांग, तीन कैंसर मरीज, एक का डायलिसिस हो रहा है जबकि 14 शिक्षकों ने पति/पत्नी के दूसरे जिले में कार्यरत होने के आधार पर आवेदन किया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Facebook

Join Now