UPTET 2026: दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले 14 सॉल्वर गिरफ्तार, आयोग की सख्ती से फर्जी अभ्यर्थियों पर बड़ी कार्रवाई
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित UPTET 2026 के पहले दिन दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने वाले 14 सॉल्वर (फर्जी परीक्षार्थी) गिरफ्तार किए गए। आयोग की कड़ी निगरानी, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के चलते विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान कर कार्रवाई की गई।
आधार, फोटो और बायोमेट्रिक जांच में पकड़ाए फर्जी अभ्यर्थी
आयोग के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के दौरान आधार कार्ड, प्रवेश पत्र, फोटो और बायोमेट्रिक सत्यापन का मिलान किया गया। जिन अभ्यर्थियों की पहचान में संदेह हुआ, उन्हें चिन्हित कर सत्यापन कराया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद पुनः जांच में कई मामलों में दूसरे व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस को कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया।
इन जिलों में हुई कार्रवाई
फर्जी अभ्यर्थियों के खिलाफ बदायूं, इटावा, गोंडा, कानपुर नगर, गोरखपुर, फिरोजाबाद, मथुरा, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, वाराणसी सहित कई जिलों में कार्रवाई की गई। इनमें कुछ स्थानों पर एक-एक तथा कुछ जिलों में दो-दो सॉल्वर पकड़े गए।
पहले दिन 84.76% अभ्यर्थी हुए शामिल
आयोग के अनुसार पहले दिन 84.76 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। वहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवेदन करने वाले 1.85 लाख कार्यरत शिक्षकों में से लगभग 1.85 लाख पात्र अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया। तीन दिनों तक चलने वाली परीक्षा में 19 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है।
आयोग ने सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी की
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने सदस्यों, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और अन्य अधिकारियों के साथ विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा के दौरान ऑनलाइन कमांड कंट्रोल सेंटर से भी लगातार निगरानी रखी गई। जहां भी संदिग्ध गतिविधियां मिलीं, वहां अभ्यर्थियों का दोबारा सत्यापन कराया गया।
नकल और फर्जीवाड़े पर जीरो टॉलरेंस
आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी की पहचान का कई स्तरों पर सत्यापन किया जा रहा है। दूसरे की जगह परीक्षा देने या किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।






