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7000 से ज्यादा बेसिक स्कूलों के ऊपर से हटेंगे हाइटेंशन तार, छात्रों की सुरक्षा को मिली प्राथमिकता

On: July 20, 2025 7:12 AM
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परिषदीय प्राथमिक एवं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों, माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक के ऊपर से गुजर रहीं बिजली की हाइटेंशन और लोटेंशन लाइनें जल्द हटाई जाएंगी। इस काम के लिए जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा।

समिति ऐसे स्कूलों, कालेजों को चिह्नित करेगी जिनके ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं। चिह्निकरण के साथ ही लाइनों को शिफ्ट कराने का काम शुरू कर देने के निर्देश दिए गए हैं।


उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने इस काम के लिए सभी डिस्कामों के प्रबंध निदेशकों को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया है।

अध्यक्ष ने कहा है कि समय समय पर जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन द्वारा विद्यालयों के परिसरों से निकल रहे हाइटेंशन व लोटेंशन लाइनों को हटाने के लिए कहा जाता है।प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में विद्युत विभाग को बजट में हाइटेंशन व लोटेंशन लाइनों को शिफ्ट करने की व्यवस्था दी है।

उन्होंने कहा है कि इसके लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाना है। समिति में सीएमओ, बीएसए, डीआइओएस, उच्च शिक्षा अधिकारी अथवा उनके प्रतिनिधि, जिले में तैनात अधिशासी अभियंता भंडार व सहायक अभियंता भंडार सदस्य होंगे।

अधीक्षण अभियंता (वितरण) विद्युत वितरण निगम समिति के संयोजक होंगे। जिलों के अधीक्षण अभियंता विद्युत को निर्देशित किया गया है कि वह जिलाधिकारी से मुलाकात कर समिति का गठन तीन दिन के अंदर करा लें।

समिति ऐसे सरकारी विद्यालयों को चिह्नित करेगी जिन विद्यालयों के परिसर से गुजर रही लाइनों की शिफ्टिंग का कार्य कराया जाना है।

अध्यक्ष ने निर्देश दिए हैं कि जैसे-जैसे सरकारी विद्यालयों का चिह्निकरण होता जाए वैसे ही लाइनों की शिफ्टिंग का काम चरणों में कराया जाए। काम शुरू करने के लिए चिह्निकरण पूरा होने का इंतजार न किया जाए।

कोशिश यह की जाए कि मौके पर चल रही लाइन की सामग्री जैसे पोल, कंडक्टर, इंसुलेटर, स्टील आदि का फिर से प्रयोग हो सके। मौके पर उपलब्ध सामग्री यदि कम पड़े तो भंडार में उपलब्ध पुनर्उपयोगी सामग्री तथा साइट से प्राप्त सामग्री का उपयोग करते हुए लाइनों का निर्माण कराया जाए।

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