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शिक्षकों के नवाचारों को ‘उद्गम’ का मंच, पढ़ाई हुई रोचक

On: September 13, 2025 3:15 AM
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लखनऊ :
अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि रोचक खेलों और प्रयोगों के जरिये बच्चों के जीवन का हिस्सा बन रही है। वजह है शिक्षकों के ऐसे नवाचार, जिन्हें मंच देने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने उद्गम (यूनीफाइंग डेवलपमेंट आफ ग्रेट एकेडमिक माइंड्स) पोर्टल तैयार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे शिक्षक दिवस पर लांच किया है। अब इस पोर्टल के जरिये शिक्षकों के नवाचार अब पूरे प्रदेश तक पहुंचाए जा रहे हैं।


शाहजहांपुर की प्राथमिक विद्यालय अजीजपुर की सहायक अध्यापिका माला सिंह ने दिव्यांग बच्चों के लिए खेल-खेल में पढ़ाई का तरीका निकाला। उन्होंने ‘घंटी बजाओ, सिक्का उठाओ’ गतिविधि शुरू की। इसमें चावल से भरे कटोरे में अलग-अलग मूल्य के सिक्के और एक घंटी रखी गई। बच्चे एक


हाथ से घंटी बजाकर दूसरे हाथ से सिक्का उठाते। 10 गिनती तक यह खेल चलता। इस अभ्यास से दिव्यांग बच्चों के दोनों हाथों का तालमेल सुधरा, एकाग्रता बढ़ी और उनकी पेंसिल पकड़ने की क्षमता मजबूत हुई। इसी तरह सिद्धार्थनगर




के उच्च प्राथमिक विद्यालय जखौली के सहायक अध्यापक अभिषेक कुमार ने पढ़ाई में तकनीक और पर्यावरण को जोड़ा। बच्चों ने अपने आसपास के पेड़-पौधों पर शोध कर 300 शब्दों में जानकारी लिखी, फिर उसका क्यूआर कोड बनाकर




पौधों पर चस्पा किया। अब कोई भी बच्चा मोबाइल से स्कैन कर पेड़-पौधों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है। विज्ञान पढ़ाने में भी एक शिक्षक ने नया प्रयोग किया। बच्चों को वायुदाब समझाने के लिए छेद वाली बोतल से पानी रोकने का प्रयोग दिखाया। बच्चों ने उत्सुकता से सीखा कि वायुमंडलीय दाब के कारण यह संभव होता है।


एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक पवन सचान के अनुसार, उद्गम पोर्टल शिक्षकों को अपने नवाचार साझा करने का अवसर देता है। इसमें नामांकन बढ़ाने, उपस्थिति सुधारने, कक्षा की समस्याओं को हल करने, खेलकूद, मूल्यांकन, पर्यावरण, स्वास्थ्य और आइसीटी आधारित शिक्षण से जुड़े प्रयास साझा किए जा सकते हैं। इन प्रयासों से परिषदीय विद्यालयों में न सिर्फ बच्चों की रुचि बढ़ी है, बल्कि नामांकन में भी इजाफा हुआ है। अब गांवों के बच्चे भी पढ़ाई को आनंददायक अनुभव मान रहे हैं।

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