बाथरूम बना मौत का कमरा… एक और जिंदगी साइलेंट किलर ने छीन ली
बाथरूम बना मौत का कमरा… एक और जिंदगी साइलेंट किलर ने छीन ली बाथरूम बना मौत का कमरा… एक और जिंदगी साइलेंट किलर ने छीन ली
अमरोहा में गैस गीजर से 22 वर्षीय शिक्षिका की दर्दनाक मौत
अमरोहा (उत्तर प्रदेश):
एक मामूली सी लापरवाही ने एक होनहार ज़िंदगी छीन ली। 22 साल की युवती, जो पेशे से शिक्षिका थी, रोज़ की तरह नहाने बाथरूम गई — लेकिन बाहर कभी नहीं लौटी।
ठंड से बचने के लिए बाथरूम में गैस गीजर चालू किया गया था।
बाथरूम पूरी तरह बंद था, वेंटिलेशन नहीं था।
नतीजा — कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का रिसाव।
यह गैस न दिखती है, न बदबू देती है, न चेतावनी देती है।
बस धीरे-धीरे सांस रोक देती है।
परिवार को जब तक शक हुआ,
तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बाथरूम के फर्श पर एक बेजान शरीर पड़ा था —
और साथ ही टूट चुका था एक पूरा परिवार।
💔 जिम्मेदारियों का बोझ उसी पर था
- पिता का पहले ही निधन हो चुका था
- मां की उम्मीदें उसी से जुड़ी थीं
- भाई-बहनों की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी
- सरकारी शिक्षिका बनने का सपना देख रही थी
एक गीजर ने सब कुछ खत्म कर दिया।
⚠️ यह खबर नहीं, चेतावनी है
हर सर्दी में ऐसी मौतें होती हैं —
और हर बार हम यही कहते हैं:
“अरे, हमें क्या होगा?”
👉 बिना वेंटिलेशन के गैस गीजर = मौत का जाल
👉 बंद बाथरूम + गैस हीटर = साइलेंट किलर
यह हादसा किसी एक घर का नहीं है।
यह हर उस घर का खतरा है
जहां “चलता है, कुछ नहीं होगा” सोचकर लापरवाही की जाती है।
🔴 जरूरी अपील
- गैस गीजर हमेशा खुले या अच्छे वेंटिलेशन वाले स्थान पर लगवाएं
- बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन अनिवार्य रखें
- इलेक्ट्रिक गीजर को प्राथमिकता दें
- किसी भी तरह की चक्कर, घबराहट या सांस की दिक्कत हो — तुरंत बाहर निकलें
एक छोटी सी सावधानी, पूरी ज़िंदगी बचा सकती है।
💔 एक बेटी चली गई…





