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शिक्षक के घर ईडी का छापा : ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बावजूद भारत में वेतन और सेवानिवृत्ति का लाभ लेने का आरोप

On: February 12, 2026 7:00 PM
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शिक्षक के घर ईडी का छापा : ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बावजूद भारत में वेतन और सेवानिवृत्ति का लाभ लेने का आरोप

शिक्षक के घर ईडी का छापा : ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बावजूद भारत में वेतन और सेवानिवृत्ति का लाभ लेने का आरोप

आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के आदमपुर गांव के मिल्लतनगर में पूर्व मदरसा शिक्षक शमसुल हुदा खान के बंद अस्थायी आवास पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापा मारा। शिक्षक पर ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बावजूद भारत में वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ लेने का आरोप है। हालांकि ईडी के अधिकारियों ने कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया। सुबह आठ बजे से तीन बजे तक ईडी शिक्षक के घर में जांच-पड़ताल करती रही।

जानकारी के मुताबिक, संतकबीरनगर निवासी शमसुल हुदा खान की नियुक्ति 12 जुलाई 1984 को आजमगढ़ स्थित ‘दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम’ में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। 2007 में वह ब्रिटेन चले गए और 2013 में वहां की नागरिकता ले ली। आरोप है कि ब्रिटिश नागरिक बनने के बाद भी

उन्होंने 31 जुलाई 2017 तक भारत में मदरसे से वेतन लिया। इस अवधि में विभागीय मिलीभगत से उन्हें चिकित्सा अवकाश स्वीकृत किया जाता रहा और करीब 16 लाख रुपये वेतन के रूप में प्राप्त किए गए।

2017 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति भी दे दी गई थी। मामले के सामने आने के बाद शासन ने संबंधित

मदरसे की मान्यता पहले ही निरस्त कर दी थी। साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन पांडेय, गाजियाबाद के डीएमओ साहित्य निकेत सिंह, बरेली के लालमन और अमेठी के प्रभात कुमार को निलंबित किया जा चुका है। इन अधिकारियों पर आजमगढ़ में तैनाती के दौरान कथित रूप से लाभपहुंचाने का आरोप है।

संतकबीर नगर में भी 7 घंटे तक खंगाले दस्तावेज

अमिलो (आजमगढ़)। मुबारकपुर कस्बे से सटे आदमपुर गांव के मिल्लतनगर स्थित मौलाना शमसुल हुदा खान के आवास पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पहुंची। सुबह करीब आठ बजे पहुंची टीम ने दोपहर बाद लगभग तीन बजे करीब सात घंटे तक घर के अंदर दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की। इसी दौरान ईडी की दूसरी टीम ने संतकबीर नगर जिले के गोसमंडी स्थित उनके पैतृक आवास पर भी कार्रवाई की, वहीं भी करीब सात घंटे तक दस्तावेज खंगाले गए। मौलाना शमसुल हुदा पर 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता लेने का आरोप लगा था। इसके बाद वह 2017 तक मदरसे में शिक्षक बना रहा। इस बीच वह वेतन के रूप में 16 लाख 59 हजार 555 रुपये लेने में सफल रहा। छापे के दौरान आदमपुर स्थित मकान बंद था। घर की देखरेख करने वाले अकील अहमद से चाबी लेकर टीम ने ताला खुलवाया और अंदर कागजात खंगाले।

80 शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारियों के वेतन पर रोक

एटीएस की जांच के आधार पर नौ जनवरी 2026 को मदरसा बोर्ड की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम की मान्यता निलंबित कर दी थी। उसमें तैनात 80 शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारियों के वेतन पर भी रोक लगा दी है। जांच में पाया गया कि मदरसा प्रबंधन ने शमसुल हुदा का अवैतनिक अवकाश के नाम पर पांच साल सात महीने तीन दिन अनियमित अनुपस्थिति, 502 दिन तक चिकित्सीय अवकाश स्वीकृत किया था।

जिले में ईडी के आने की सूचना है। किसी मदरसे में जांच के संबंध में मुबारकपुर में आई थी। काफी समय तक जिले में रही। हालांकि ईडी ने हमसे बातचीत नहीं की है। इतना स्पष्ट है कि ईडी ने कई घंटे जिले में रहकर जांच पड़ताल की। डॉ. अनिल कुमार, एसपी आजमगढ़

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