गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की आरुषि शर्मा ने SSB में AIR-05 हासिल कर रचा इतिहास, लेफ्टिनेंट बनने का सपना हुआ साकार
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की आरुषि शर्मा ने SSB में AIR-05 हासिल कर रचा इतिहास, लेफ्टिनेंट बनने का सपना हुआ साकार
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (Gautam Buddha University) की 31 यूपी गर्ल्स बटालियन की एनसीसी कैडेट आरुषि शर्मा ने अपने पहले ही प्रयास में सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) की चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पास करते हुए ऑल इंडिया रैंक-05 (AIR-05) हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
एनसीसी स्पेशल एंट्री स्कीम (महिला) के तहत पूरे देश में मात्र 5 सीटें निर्धारित थीं। ऐसे प्रतिस्पर्धी माहौल में आरुषि का चयन उनकी प्रतिभा, मजबूत इच्छाशक्ति और प्रभावी नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। सीमित अवसरों के बीच AIR-05 प्राप्त करना उनकी निरंतर मेहनत और देश सेवा के प्रति समर्पण को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
SSB की पांच दिवसीय चयन प्रक्रिया 25 से 30 दिसंबर 2025 के दौरान प्रयागराज में आयोजित की गई थी। इस दौरान आरुषि ने मनोवैज्ञानिक परीक्षण, ग्रुप टास्क और व्यक्तिगत साक्षात्कार जैसे सभी चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनके आत्मविश्वास, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और स्पष्ट सोच ने चयनकर्ताओं पर गहरा प्रभाव डाला।
अब आरुषि को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (Officers Training Academy – OTA) में प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त होंगी।
एनसीसी में उनका सफर भी उल्लेखनीय रहा है। सीनियर अंडर ऑफिसर (SUO) के रूप में उन्होंने नेतृत्व करते हुए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा, आर्मी अटैचमेंट कैंप सहित विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेकर उन्होंने अपने अनुशासन और नेतृत्व कौशल को और मजबूत किया।
शैक्षणिक क्षेत्र में भी आरुषि ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज़ से बी.ए. (ऑनर्स) इकोनॉमिक्स (2022–25) में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है।
एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉ. भावना जोशी ने कहा कि आरुषि की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह पूरे विश्वविद्यालय और एनसीसी परिवार के लिए गर्व का विषय है। वहीं, प्रभारी छात्र कल्याण डॉ. मनमोहन सिंह शिशोदिया ने भी आरुषि को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आरुषि शर्मा की यह सफलता आज के युवाओं के लिए एक उदाहरण के रूप में सामने आई है, जो यह दर्शाती है कि अनुशासन, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
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