आप सब अवगत हों कि सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद की SLP ख़ारिज हो चुकी है, मैंने अपनी तरफ से राकेश मिश्र जी को उतारा था और निवेदन किया था कि डिवीजन बेंच के आदेश पर स्टे न होने पाए, उन्होंने मौके की नजाकत के अनुसार कोर्ट में उपस्थित रह करके मामले में अच्छा कार्य किया है, माननीय सुप्रीम कोर्ट ने ASG ऐश्वर्या भाटी जी की बातों से असहमत रहते हुए SLP ख़ारिज कर दिया,यह राहत एकल पीठ के समस्त याचिकाकर्ताओ को प्राप्त हुई है,वास्तव में डिवीजन बेंच मेें सीमित मामलों में ही सरकार और सचिव ने अपील किया था, सिंगल जज के ऑर्डर को कुछ हद तक डिवीजन बेंच ने Modify कर दिया है, तो जिनकी सेवा पाँच वर्ष पूर्ण थी उनको याचिका दाखिल करने की तिथि से पूर्व के तीन वर्ष के एरियर् का भुगतान करते हुए आगे से तदर्थ प्रधानाध्यापक के वेतन का आदेश दिया, साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि जो वरिष्ठ शिक्षक हों उन्हीं को ही प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी सौंपी जाए, इस तरह से सर्वप्रथम प्रसन्नता का विषय यह है कि उत्तर प्रदेश के सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद बचाने मेें हम क़ामयाब रहे हैं*
*जो भी याचिका से जुड़े थे वे अतिशीघ्र मुझसे सम्पर्क कर लें, जिससे कि उनको उनका बक़ाया भुगतान एवं आगे से प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन सुगमता से दिलाया जा सके*
इंचार्ज हेडमास्टर विशेष
By Basic wale
On: August 14, 2025 6:42 AM







