बरगी डैम हादसा: माँ की ममता बनी अंतिम सहारा, बेटे को सीने से लगाए मिली अंतिम विदाई, ऐसी माताओं को शत-शत नमन
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में 30 अप्रैल 2026 की शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, तेज आंधी और तूफान के बीच एक पर्यटक क्रूज पलट गया और डूब गया।

क्रूज पर सवार करीब 30 से 45 लोगों में से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि कुछ अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी हादसे के बीच रेस्क्यू टीम को एक ऐसा दृश्य मिला जिसने हर किसी को भीतर तक तोड़ दिया। एक 29 वर्षीय माँ और उसके 4 साल के मासूम बेटे का शव मिला, लेकिन जिस हालत में मिला, वह ममता की सबसे मार्मिक तस्वीर बन गया। माँ ने अपने बच्चे को सीने से इतनी कसकर जकड़ रखा था कि मौत के बाद भी उसकी पकड़ ढीली नहीं हुई थी, दोनों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, फिर भी आखिरी सांस तक माँ अपने बच्चे को बचाने की कोशिश करती रही। करीब 15 घंटे बाद सामने आया यह दृश्य सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि उस माँ के अटूट प्रेम और त्याग की कहानी है, जिसने अपने बच्चे को उस भयावह पल में भी अकेला नहीं छोड़ा। रेस्क्यू करने वाले भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठे, हर आंख नम हो गई। माँ सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि वह शक्ति है जो हर हाल में अपने बच्चे की ढाल बन जाती है, आखिरी सांस तक उसका साथ निभाती है। ऐसी ममता, ऐसा प्रेम शब्दों से परे है, इस माँ को शत-शत नमन🙏🏼








