प्रह्लाद जोशी बने देश के नए शिक्षा मंत्री, राष्ट्रपति ने सौंपी शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी
नई दिल्ली: देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।
राष्ट्रपति भवन ने जारी किया आधिकारिक आदेश
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने के साथ ही प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
क्यों देना पड़ा धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा?
पिछले कई सप्ताह से देशभर में NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। बढ़ते राजनीतिक और जनदबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के भविष्य और देशहित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी वर्तमान में केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के हितों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है।
छात्रों के लिए क्या बदल सकता है?
नए नेतृत्व के साथ अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कदम और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने पर तेजी से काम करेगी। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से विस्तृत नीति या नई घोषणा का इंतजार है।
अब आगे क्या?
देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक अब यह देख रहे हैं कि नए शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में सरकार परीक्षा सुधार, NTA की कार्यप्रणाली और भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर कौन-कौन से बड़े फैसले लेती है।
मुख्य बातें (Highlights)
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राष्ट्रपति ने स्वीकार किया।
- प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला।
- NEET-UG 2026 विवाद और छात्र आंदोलनों के बीच हुआ बड़ा बदलाव।
- शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब सुधारों पर नजर।







