BREAKING NEWS: 99,526 पदों पर भर्ती के लिए शैक्षिक अर्हता पर मंथन, शासन ने मांगा प्रस्ताव
प्रयागराज। प्रदेश में 99,526 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इन पदों पर भर्ती के लिए निर्धारित शैक्षिक अर्हता को लेकर शासन स्तर पर मंथन शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री के सचिव सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में उच्च, माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े भर्ती प्रस्तावों और शैक्षिक अर्हताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
🔴 अधियाचन को लेकर गंभीर स्थिति
बैठक में सामने आया कि 99,526 रिक्त पदों का अधियाचन या तो अपूर्ण है या अभी तक भेजा नहीं गया है। चुनावी वर्ष होने के कारण मुख्यमंत्री कार्यालय भी इस स्थिति को गंभीरता से ले रहा है।
पहले परिषद की ओर से भेजे गए अधियाचन में शैक्षिक अर्हता को लेकर चर्चा हुई थी। अब चयन आयोग ने शासन से अर्हता पर विचार करने का प्रस्ताव दिया है। इसके बाद शासन अर्हता से जुड़े अलग-अलग बिंदुओं का परीक्षण करेगा।
📝 प्रधानाध्यापक भर्ती की अर्हता में बदलाव
बैठक में प्रधानाध्यापक भर्ती की शैक्षिक अर्हता पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि पहले परिषद के अधियाचन में प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक पद के लिए एक समान तरह की अर्हताएं थीं।
इस बार हाईस्कूल प्रधानाध्यापक भर्ती में कुछ बदलाव किए गए हैं। नई व्यवस्था में प्रवक्ता और सहायक अध्यापक भी आवेदन कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए चार वर्ष का अनुभव और बीएड डिग्री होना आवश्यक होगा।
📌 एक लाख से अधिक पद खाली
प्रदेश में शिक्षा विभाग में एक लाख से अधिक पद रिक्त बताए जा रहे हैं। ऐसे में 99,526 पदों के अधियाचन और उनकी शैक्षिक अर्हता को लेकर शासन की ओर से होने वाला फैसला भर्ती प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब निगाहें शासन के अगले निर्णय पर हैं कि 99,526 पदों के लिए शैक्षिक अर्हता में क्या बदलाव किया जाता है और अधियाचन कब तक पूरा कर आयोग को भेजा जाता है।




