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CM योगी के दौरे से पहले UP शिक्षा विभाग में तैयारियों का तूफान, 10 बिंदुओं पर होगी कड़ी नजरें

On: April 22, 2026 9:18 PM
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UP शिक्षा विभाग में हड़कंप: CM योगी के दौरे से पहले स्कूलों की ‘स्कैनिंग’


🔴 शिक्षा समाचार

CM योगी के दौरे से पहले UP शिक्षा विभाग में तैयारियों का तूफान, 10 बिंदुओं पर होगी कड़ी नजरें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही प्रदेश के विभिन्न जिलों का तूफानी दौरा करने वाले हैं। इसी को लेकर शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। CM के किसी भी स्कूल पर अचानक निरीक्षण की आशंका के चलते विभाग के सभी शीर्ष अधिकारियों को “एक्शन मोड” में आ जाना पड़ा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा किसी भी राजकीय इंटर कॉलेज, प्राथमिक या उच्च प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया जा सकता है। इस संभावना को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने अपने आला अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए हैं ताकि स्कूलों में सभी कुछ तैयार रहे।

अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (JD), अतिरिक्त निदेशकों (AD), जिला निरीक्षकों (DIOS) और राज्य शिक्षा अधिकारियों (BSA) को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। इसमें निरीक्षण की तैयारियों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

📋 10 प्रमुख बिंदु जहां होगी कड़ी निगरानी

मुख्यमंत्री के दौरे के समय यदि कोई स्कूल निरीक्षण में आता है, तो निम्नलिखित 10 मानकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

शिक्षा की गुणवत्ता: छात्रों के सीखने का स्तर (Learning Level) और शैक्षणिक परिणामों की बारीकी से जांच की जाएगी।
शिक्षकों की उपस्थिति: स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और सामयिक तैनाती सुनिश्चित करनी होगी।
छात्र नामांकन: विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या और उनकी वास्तविक उपस्थिति का मिलान किया जाएगा।
बुनियादी ढांचा: स्कूल भवन, प्रयोगशालाओं (Labs) की स्थिति, कक्षाओं की सुविधाएं और सुरक्षा उपायों की समीक्षा।
स्वच्छता एवं स्वास्थ्य: शौचालय की सफाई, जल शुद्धिकरण और पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान।
सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां: खेलकूद, सेमिनार, क्विज़ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों का सर्वांगीण विकास।
करियर परामर्श: माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों को रोजगार एवं उच्च शिक्षा से संबंधित सलाह।
शिक्षकों का आचरण: कार्यरत शिक्षकों की कार्यक्षमता और छात्र-जनता के प्रति उनके व्यवहार की समीक्षा।
प्रतिस्पर्धी भाव: विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए आयोजित कार्यक्रमों का मूल्यांकन।
अनुशासन: विद्यालय परिसर में अनुशासन का पालन और विभागीय नीतियों की पूर्ण पालना।

⚠️ अधिकारियों को सख्त निर्देश

अपर मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को एक महत्वपूर्ण बात स्पष्ट की है। उन्होंने कहा है कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई कमी दिखाई देगी, तो संबंधित जिले के शिक्षा अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

“अधिकारी केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर स्कूलों की मॉनिटरिंग करें ताकि मुख्यमंत्री के भ्रमण के समय विभागीय तैयारियां और कुशल नेतृत्व स्पष्ट रूप से दिखाई दे।”

– अपर मुख्य सचिव, पार्थ सारथी सेन शर्मा

यह निर्देश स्पष्ट करता है कि विभाग को केवल कागजी दस्तावेजों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। बल्कि जमीनी स्तर पर सभी काम सही तरीके से चल रहे हैं, यह सुनिश्चित करना चाहिए। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भी इस पूरी प्रक्रिया की प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है।

📌 क्या होगा आगे?

ये निर्देश प्राप्त होने के बाद सभी जिलों के शिक्षा विभाग में अभी से “स्कैनिंग” शुरू हो गई है। स्कूल प्रबंधन और शिक्षा अधिकारी सभी मानकों को पूरा करने में जुट गए हैं। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के समय शिक्षा विभाग एक आदर्श छवि प्रस्तुत कर सकेगा।

हालांकि, विभाग के अंदर यह भी चिंता है कि इतनी कम समय में सभी स्कूलों में 10 मानकों को पूरा करना आसान नहीं होगा। लेकिन अपर मुख्य सचिव का स्पष्ट संदेश सभी को एक्शन मोड में रखे हुए है।


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